गुटखा तस्करों के कॉल रिकॉर्ड में पाकिस्तानियों के नंबर, कनेक्शन की जांच हो रही

गुटखा तस्करों के कॉल रिकॉर्ड में पाकिस्तानियों के नंबर, कनेक्शन की जांच हो रही

पान मसाला और गुटखे की 225 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में जांच एजेंसियों को नए-नए सुराग मिल रहे हैं। गुटखा तस्करों के कॉल रिकार्ड में पाकिस्तान के नंबर मिले हैं जिसके बाद तस्करों के पाकिस्तानियों से कनेक्शन की जांच की जा रही है। वहीं, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) भोपाल ने मुंबई से इंदौर के उद्योगपति किशोर वाधवानी को गिरफ्तार कर लिया है। ऑपरेशन ‘कर्क’ के तहत डीआरआई की मुंबई टीम ने वाधवानी को एक होटल से पकड़ा। इसके अलावा मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी शामिल किया जा सकता है।

गुटखा तस्करी में आरोपित बने संजय माटा और उसका भाई संदीप माटा की नागरिकता पाकिस्तानी है। संजय तो पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है लेकिन संदीप अब तक फरार है। आरोपी संजय के कॉल रिकॉर्ड में कुछ पाकिस्तानी नंबरों से लगातार बात होने की जानकारी जांच एजेंसियों को हाथ लगी हैं। आरोपी के लैपटॉप और फोन में हवाला के लेन-देन के भी सबूत मिले हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि तस्करी से आया काला धन हवाला के माध्यम पाकिस्तान और अन्य देशों में पहुंचाया जा रहा था। 

कोरोना के मध्य किया कई गुना कीमत पर बेचा अवैध माल
जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि किशोर वाधवानी और उनके गुटखा तस्कर गिरोह ने कोरोना माहामारी को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दौरान जमकर मुनाफाखोरी की है। लॉकडाउन के दौरान जब सभी गतिविधियां बंद थी तो इन लोगों ने जमकर अवैध गुटखे, पान मसाल और सिगरेट का उत्पादन किया और महाराष्ट्र, गुजरात समेत देशभर में कई गुना कीमतों पर सप्लाई किया। इससे ना सिर्फ कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है बल्कि कैंसर जैसी बीमारी फैलाने में भी तस्करों का योगदान रहा है।

सेंट्रल एक्साइज के कुछ पूर्व अधिकारी भी शामिल
सांवेर रोड स्थित एएए इंटरप्राइजेस कंपनी के डमी संचालक विजय नायर पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में आरोपी सेंट्रल एक्साइज के कुछ पूर्व अधिकारियों के नाम भी उगले हैं जो अवैध गुटखा और सिगरेट फैक्ट्री चलवाने में गिरोह के मास्टरमाइंड किशोर वाधवानी के मददगार थे। वहीं, नयार की निशानदेही पर जांच एजेंसियों ने 6 और ठिकानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। डीजीजीआई के अनुसार, मास्टरमाइंड वाधवानी द्वारा टैक्स चोरी करके कमाई गई काली कमाई को रियल एस्टेट ग्रुप, होटल और मीडिया ग्रुप में खपाया जा रहा है। 

दो बार समंस भेजा था वाधवानी को
टैक्स चोरी मामले में पकड़े गए आरोपी विजय नायर से वाधवानी को लेकर मिली जानकारी के बाद विभाग ने उन्हें दो बार समन जारी किए थे। नहीं आने पर 64 बी व 65 बी प्रेमनगर स्थित घर पर दबिश भी थी, फिर ग्रुप के अन्य दफ्तरों, चैनल के दफ्तर भी टीम पहुंची थी लेकिन वह नहीं मिला। 9 से 12 जून के बीच मारे गए छापे के बाद से ही डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) को वाधवानी की तलाश थी।

डमी के रूप में नायर को खड़ा किया, रिश्तेदार के नाम पर कंपनी बनाई 
सांवेर रोड पर एएए इंटरप्राइजेस नाम से कंपनी है, जो विजय नायर द्वारा संचालित की जाती है। एक अन्य कंपनी विष्णु एसेंस का संचालन अशोक डागा और अमित बोथरा करते हैं। दोनों पान मसाले, गुटखे का उत्पादन कर नायर को देते हैं। नायर द्वारा इसे मप्र के साथ महाराष्ट्र, गुजरात और अन्य पड़ोसी राज्यों में कच्चे में बेचा जाता है। सौ रुपए में से केवल 20 रुपए का कारोबार ही नंबर एक में होता है। बाकी 80% कारोबार कच्चे में टैक्स चोरी होती है। नायर ने बयान में कबूल किया है कि वह डमी है और पर्दे के पीछे वाधवानी है, जो पूरे धंधे को संचालित करता हैै।