ग्राहकों को शोरूम तक खींचने के लिए मारुति सुजुकी लाई नयी स्कीम- पहले खरीदो, फिर भुगतान करो

ग्राहकों को शोरूम तक खींचने के लिए मारुति सुजुकी लाई नयी स्कीम- पहले खरीदो, फिर भुगतान करो

कोरोनावायरस के कारण चल रहे लॉकडाउन ने आर्थिक गतिविधियों पर जबरदस्त ब्रेक लगाया है. सामान्य दुकानों से लेकर बड़े-बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तक इस लॉकडाउन के कारण कुछ हफ्तों तक बंद पड़े रहे और इसका असर व्यापार पर दिखा. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर में से एक है और अब हालात को पटरी पर लाने के लिए कंपनी रणनीति बना रही हैं. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने इसी दिशा में 'बाय नाओ, पे लेटर' (Buy Now, Pay Later) विकल्प शुरू किया है.

 

लोन के 60 दिन बाद EMI का भुगतान

 

इस विकल्प के तहत ग्राहक अभी कार खरीदकर उसका भुगतान/ईएमआई बाद में चुका सकते हैं. कंपनी ने इसके लिए चोलामंडलम इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड के साथ मिलकर चुनिंदा मॉडल्स में इस योजना को शुरू किया है. हालांकि ये योजना सिर्फ 30 जून तक बांटे जाने वाले लोन पर लागू होगा. कंपनी ने शुक्रवार 22 मई को एक बयान जारी कर बताया कि ये विकल्प कंपनी के 'एरीना' और 'नेक्सा' ब्रांड में मौजूद मॉडल पर उपलब्ध रहेगा.

 

कंपनी के मुताबिक ग्राहक इस विकल्प के तहत चुनिंदा मॉडल्स में से कोई भी खरीद सकते हैं और लोन दिए जाने के 60 दिन बाद अपनी ईएमआई के भुगतान की शुरुआत कर सकते हैं.

 

इन हालात को देखते हुए कंपनी ने इस नए विकल्प को शुरू किया है. कंपनी की इस योजना के बारे में बताते हुए एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) शशांक श्रीवास्त्व ने बताया, "चोलामंडलम के साथ इस साझेदारी से कस्टमाइज्ड रिटेल फाइनेंसिंग की सुविधा ग्राहकों को मिलेगी." उन्होंने साथ ही कहा कि इसका लक्ष्य ऐसे लोगों को राहत पहुंचाना है जो लॉकडाउन से पहले कार खरीदने की योजना बना रहे थे, लेकिन मौजूदा हालात में कैश की परेशानी झेल रहे हों.

 

अप्रैल में नहीं बिकी कोई कार

 

मारुति समेत देश की सभी बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने 22 मार्च तक अपनी प्रोडक्शन यूनिट रोक दी थी, जिस कारण करीब डेढ़ महीने तक कंपनी के किसी भी प्लांट में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ. लॉकडाउन के तीसरे चरण में मिली छूट के बाद कंपनी ने 12 मई से अपने मानेसर प्लांट से निर्माण कार्य शुरू किया. वहीं मारुति सुजुकी ने अप्रैल के महीने में एक भी कार की बिक्री नहीं की.