जोन वन में ऑड-ईवन से आज से खुलेंगे बाजार; क्या अनलॉक से केस बढ़े, 15 से पता चलेगा

जोन वन में ऑड-ईवन से आज से खुलेंगे बाजार; क्या अनलॉक से केस बढ़े, 15 से पता चलेगा

अनलॉक-1 के तहत शहर में धीरे-धीरे राहत मिलती जा रही है। मध्यक्षेत्र के बाजार गुरुवार से ऑड-ईवन के आधार पर खुलेंगे, पर प्रशासन ने धर्मस्थल, शॉपिंग मॉल खोलने का फैसला 16 जून तक के टाल दिया है। प्रशासन 20 जून तक अब कोई बड़ी राहत देने के बजाय अब संक्रमण की रफ्तार पर नजर रख रहा है। 
इसकी वजह विशेषज्ञों के बाजार खुलने के बाद कोरोना की वास्तविक स्थिति पता चलने की बात को बताया जा रहा है। दरअसल, संक्रमित में पांच दिन बाद कोरोना के लक्षण नजर आते हैं। उसके बाद रिपोर्ट में तीन-चार दिन लगते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि 15 जून के बाद जो रिपोर्ट आएंगी, उससे बाजार खुलने के नतीजे सामने आएंगे। सांसद शंकर लालवानी बोले- प्रबंधन समूह स्थितियों पर नजर रखे है। अब स्थिति के हिसाब से ही छूट बढ़ाएंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि अब रोजाना 1500 सैंपल लिए जा रहे हैं।

अनलॉक के 9 दिन : 342 मरीज, एक्टिव 285 कम हुए

क्या हुआ    पॉजिटिव    सैंपलिंग    टेस्टिंग    डिस्चार्ज    एक्टिव    मौत    
1 जून    3539    36635    36635    1990    1414    135
9 जून    3881    50544    49790    2591    1129    161
अंतर    342    13909    13055    601    285    16

जोन वन (मध्य क्षेत्र) के होलसेल बाजार गुरुवार से ऑड-ईवन के आधार पर सुबह दस से शाम सात बजे तक खुलेंगे। इसके िलए बाजारों की दुकानों को चिह्नित करने का जिम्मा कलेक्टर ने संबंधित बाजार एसोसिएशन को ही दे दिया था। इस आधार पर बुधवार को विविध एसोसिएशन ने बाजारों की दुकानों को चिह्नित करने के लिए अलग-अलग तरीका अपनाया है। सियागंज किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन ने दुकानों पर लाल और हरा पेंट कर दिया है। लाल रंग की दुकानें ऑड वाले दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को) खुलेंगी और हरे रंग वाली दुकानें ईवन वाले दिन (मंगलवार, गुरुवार व शनिवार) को खुलेंगी।

पूल टेस्टिंग शुरू, अभी सिर्फ ग्रीन जोन में 

एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने कोरोना संक्रमण में पूल टेस्टिंग शुरू कर दी है। अभी इसे ग्रीन और सर्विलेंस जोन में ही किया जा रहा है। शुरुआती दो दिन में 15 ग्रुप ऐसे मिले हैं, जिनकी दोबारा जांच की जरूरत पड़ी। यानी इनमें किसी मरीज के पॉजिटिव आने का अंदेशा था। 
आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) की मंजूरी के बाद ये प्रक्रिया शुरू हुई है, जिसमें एक साथ पांच सैंपल एक साथ ग्रुप में जांचे जा रहे हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल के मुताबिक, पूल टेस्टिंग से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही। इससे ज्यादा एरिया कवर कर सकेंगे। बताते हैं कि सरकार प्रति सैंपल जांच पर 4 हजार रुपए खर्च कर रही है। हर दिन 1000 सैंपल के हिसाब से औसत 4 लाख रुपए खर्च हो रहे हैं।