बिजली बिल मिनिमम नहीं वास्तविक खपत से बनाये

बिजली बिल मिनिमम नहीं वास्तविक खपत से बनाये
बिजली बिल मिनिमम नहीं वास्तविक खपत से बनाये

लॉक डाउन के  दौरान छोटे व्यापारियों के लिए अपने घरों का खर्च, दुकान का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है....ऐसे में  बिजली बिल, जीएसटी, दुकान कारख़ाना ओर गोदामों का किराया, जल कर, बीमा प्रीमियम आदि ख़र्च परेशान कर रहें हैं।

 

शासन द्वारा लॉक डाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। व्यापारियों से प्रतिष्ठान अपनी फैक्ट्री बंद रखने के लिए कहा गया है। साथ ही कहा  गया है कि वे अपने कर्मचारियों को व्यापार बंद होने के बावजूद पूरा वेतन दे। वह यह कर रहें हैं लेकिन चाहते हैं उन्हें भी राहत मिले। इन्दौर लोहा व्यापारी एसो. के अध्यक्ष अमीर इंजीनियर वाला, नंदकिशोर पंचोली, राजेंद्र कूलवाल, यशवंत कौशिक, राकेश साहनी, प्रभात मिश्रा . मोहम्मद पीठावाला, अतुल डागरिया, अजय नागोरी, निज़ाम चौधरी, आसिफ़ नागोंरी ने मुख्यमंत्री को  पत्र  भेज गुजारिश की है कि कोरोना आपदा के चलते प्रदेश के व्यापार एवं उद्योग को राहत दी जाए। इसमें सभी कमर्शियल और घरेलू बिजली बिल अगले 3 माह के लिए 50 % कर दिए जाए। बिजली के बिल में माह जून तक मिनिमम के बजाए वास्तविक खपत का बिल बनाया जाकर किसी भी प्रकार का टेक्स न लगाया जाए।

 

अमीर इंजीनियर वाला ने  कहा अगले कुछ महीनों के लिए सभी प्रकार के ब्याज माफ किए जाए। हर प्रकार की ईएमआई को अगले छह महीने के लिए बिना ब्याज के आगे बड़ा दिया जाए। कर्मचारी का पीएफ के भुगतान में भी राहत हो और अगले छह माह तक निषप्रभावित कर  दिया जाए। इसी तरह संपत्तिकर 50 फीसदी तक घटा दिया जाये या माफ किया जावे। ताकि व्यापार का संचालन सुचारू रूप  से हो सके।