भारत विरेधी फैसलों के बावजूद सरकार ने नेपाल को पांच साल में दिए 96 करोड़ रुपए

भारत विरेधी फैसलों के बावजूद सरकार ने नेपाल को पांच साल में दिए 96 करोड़ रुपए

नेपाल पिछले कुछ सालों से चीन की शह में चल रहा है। चीन के बहकावे में आकर नेपाल के पीएम केपी ओली ने भारत विरोधी की फैसले लिए हैं। की बार तो ओली खुद भी भारत के खिलाफ बयानबाजी करते नजर आए। इन सबके बावजूद भारत ने नेपाल की मदद करना नहीं छोड़ा। पिछले पांच सालों में भारत ने नेपाल को 96 करोड़ रुपए दिए हैं। नेपाल में 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद सहायता एवं पुनर्वास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत भारत ने करीब 96 करोड़ रुपये दिए हैं। भारतीय दूतावास ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस विनाशकारी भूकंप में नेपाल में 9,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। दूतावास ने एक बयान में कहा, भारत सरकार ने भूकंप बाद की पुनर्निर्माण सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए 96 करोड़ रुपये यानी 1.54 अरब नेपाली रुपये की राशि नेपाल को मुहैया कराई है। भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख नामग्याल खाम्पा ने इस राशि का चेक नेपाल के वित्त मंत्री के सचिव शिशिर कुमार धुनगणा को सौंपा।

विद्यालय पुनर्निमाण सहायता के लिए दी थी राशि
यह राशि आवास एवं विद्यालय पुनर्निर्माण सहायता के रूप में मुहैया कराई गई है। प्राकृतिक आपदा में प्रभावित हुए शैक्षणिक संस्थानों एवं भवनों के मरम्मत कार्य में इससे सहायता मिलेगी। भारत ने गोरखा और नुवाकोट जिलों में 50,000 निजी आवास का पुनर्निर्माण कराने में मदद करने की भी अपनी प्रतिबद्धता जताई। इनमें 92 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। भारत भूकंप से उबरने में नेपाल के लोगों और सरकार की सहायता जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

नेपाल के नागरिक कर रहे चीन का विरोध
इधर, नेपाल की मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, चीन ने सीमावर्ती जिले हुमला में एक हिस्से में 11 इमारतों का निर्माण किया है। इस इलाके पर नेपाल अपना दावा करता आया है। इसके चलते दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा विवाद की शुरुआत हो गई है। कई सालों पहले नेपाल द्वारा इस इलाके में सडक़ बनाने के बाद से एक बॉर्डर पिलर गायब है और अब चीन ने इमारतों का निर्माण कर लिया। हाल में इलाके का दौरा करने वाले नेपाल के अधिकारियों की मानें तो साल 2005 में उस क्षेत्र में एक झोपड़ी थी। अपने टीम के अधिकारियों के साथ रविवार को इलाके का दौरा करने वाले नाम्खा ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष बिष्णु बहादुर तमांग ने कहा कि चीनी पक्ष ने दावा किया है कि जिस क्षेत्र में वे मकान बने हुए हैं, वह इलाका उनकी सीमा में आता है। चीनी सुरक्षा और सीमा बलों द्वारा इमारतों के निर्माण की जानकारी नेपाल के गृह मंत्रालय को दे दी गई है।