मेट्रोपॉलिटन से मेट्राे ट्रेन पर ठहरा प्रोजेक्ट; 2000 किमी का होना था इंदौर

मेट्रोपॉलिटन से मेट्राे ट्रेन पर ठहरा प्रोजेक्ट; 2000 किमी का होना था इंदौर

भोपाल में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार दोनों शहरों को महानगर क्षेत्र (मेट्रोपॉलिटन एरिया) में बदलने जा रही है। इससे इंदौर शहर महू-पीथमपुर तक बढ़ जाएगा। मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

शिवराज की पिछली सरकार की मई 2018 की कैबिनेट में भी यह प्रस्ताव आया था, तब इसे विधानसभा चुनाव को देखते हुए लौटा दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने भी इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी की थी, लेकिन सरकार तख्तापलट का शिकार हो गई। अब केंद्र का मेट्रो एक्ट भी यहां लागू हो जाएगा।

मौजूदा सरकार का प्रस्ताव : निगम के अधिकार पहले की तरह ही होंगे
शिवराज सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक इंदाैर शहर का क्षेत्रफल 1200 वर्ग किमी होगा और इसमें सिर्फ महू-पीथमपुर शामिल रहेंगे। मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनेगी, लेकिन इसके स्वरूप को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं। निगम के अधिकार पहले जैसे ही रहेंगे, क्योंकि व्यापक अधिकार वाली अथॉरिटी बनाने की संभावना थोड़ी कम है। इंदौर को महानगर बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य मेट्रो ट्रेन परियोजना है। मेट्रो महू-पीथमपुर तक चलेगी।

पिछली सरकार का प्रस्ताव: नगर निगम में आईडीए का विलय होगा
इंदौर का क्षेत्रफल 2000 वर्ग किमी होगा। इसमें देवास, महू, पीथमपुर, उज्जैन शामिल होंगे। इसे मिलाकर मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी बनेगी, जो पूरे प्लानिंग एरिया के लिए 2050 तक की विकास योजना बनाएगी। आईडीए का नगर निगम में विलय होगा। महापौर, पार्षदों के अधिकार पूर्ववत रहेंगे, पर सभी इस अथॉरिटी में शामिल होंगे। मेट्रोपॉलिटन का प्रस्ताव टीएंडसीपी ने बनाया था।