म्यूचुअल नहीं, अब फिक्सड डिपोजिट बना पहली पसंद…

म्यूचुअल नहीं, अब फिक्सड डिपोजिट बना पहली पसंद…

लॉकडाउन के दौर में व्यापार की खस्ता हालत होने के बाद म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों की बर्बादी किसी से छिपी नहीं है…. ऐसे में अब लोगों का भरोसो म्युचुअल फंड से उठता जा रहा है और वे ऐसे बैंकों और फायनेंस कंपनियों की तलाश में हैं जो उन्हें पैसों पर ज्यादा से ज्यादा ब्याज दे सकें। यही कारण है कि कुछ फायनेंस कंपनियों और बैंकों ने फिक्सड डिपोजिट पर अच्छा खासा ब्याज देने का ऐलान कर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
ऐसे बैंकों और फायनेंस कंपनियों में एचडीएफसी, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा फायनेंस जैसे बैंक शामिल हैं जो एफडी पर 8 प्रतिशत तक ब्याज देने को तैयार हैं और इसके चलते इन बैंकों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है।
मई से 20-40 बेसिस प्वाइंट्स पर ब्याज दरों में कटौती के बाद भी निवेशक बेहतर रिटर्न और विभिन्न डेट म्यूचुअल फंड उत्पादों की तुलना में सुरक्षा की दृष्टि से और इक्विटी के लिए इन डिपॉजिट्स की ओर रुख कर रहे हैं। महिंद्रा फायनेंस और बजाज फायनेंस 5 साल की एफडी पर 7.8 फीसदी और 7.6 फीसदी की दर से ब्याज ऑफर कर रहे हैं। जबकि एचडीएफसी 7.1 फीसदी की दर से ये सुविधा दे रहा है। वितरकों का कहना है कि छोटी बचत जमा दरों में 100 बीपीएस की कटौती के सरकार के कदम के बाद इन कंपनियों ने अपनी दरें कम कर दी हैं।
निवेशक कंपनी जमा की ओर रुख कर रहे हैं क्योंकि वे बैंक जमा की तुलना में लगभग 160-190 बीपीएस का भुगतान करते हैं। भारतीय स्टेट बैंक जमा पर 5.7 फीसदी का ऑफर दे रहा है। एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक 6 फीसदी की दर दे रहे हैं। हालांकि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों को मौजूदा मंदी के दौर में नियमित बैंकों की तुलना में अधिक असुरक्षित देखा जा रहा है, लेकिन निवेशक उन फर्मों के बारे में आश्वस्त रहते हैं जो बड़े और स्वामित्व वाली कंपनियों के पास हैं।